ashfaq मार्च 8, 2018
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इन से मिलिए…एक अज़ीम शख्सियत

जनाब अज़ीज़ बेलगामी

जनाब अज़ीज़ुद्दीन अज़ीज़ साहब जो अदब की दुनिया में अज़ीज़ बेलगामी के नाम से जाने जाते है, की  पैदाइश ज़िले बेलगाम के एक टाउन कुडची में हुई और इब्तेदाई तालीम के बाद आप बेलगाम मुन्तक़िल हुए और इन दिनों आप शहर ए गुलिस्तां बैंगलोर में मुक़ीम पज़ीर है .

जनाब अज़ीज़ बेलगामी किसी तारुफ़  के मोहताज नहीं.इनका नाम ही इनके तारुफ़ के लिए काफी है .जनाब अज़ीज़ साहब भारत ही नहीं बल्कि बैरोनी भारत में भी शोब ए अदब में जाने और पहचाने जाते है.इनकी नात ए पाक और ग़ज़ल के चर्चे बैरोनी मुमालिक ख़ुसूसन पडोसी मुल्क पाकिस्तान में बहोत ही ज़्यादा है .अगर बात जनाब अज़ीज़ साहब की शोहरत की करें तोह अक्सर आपके उस्ताद जनाब ऐन समद खानापूरी साहब  जो बषिबान हाई स्कूल बेलगाम के हेड मास्टर रह चुके है और फ़िलहाल राष्ट्रीय उर्दू सहारा के रिपोर्टर भी हैं, फरमाते है के वो जब कुछ साल पहले  हज के सफर पे मक्का में थे, और उस दौरान किसी समय  वो  मुक़ामी उर्दू अख़बार का जब वो मुतालिया कर रहे थे, तोह उन्होने पाया के अज़ीज़ बेलगामी साहब का मज़मून उसमे छपा हुआ है.  ये देख कर खानापूरी साहब को बहोत ख़ुशी हुई .वाक़ई वो लम्हा जनाब खानापूरी साहब और हम सब भरतियोँ के लिए भी फ़क़्र का लम्हा होगा .

जनाब अज़ीज़ बेलगामी साहब एक मज़मून निगार के अलावा एक बहोत बड़े शायर भी है.कई एक ग़ज़ल और नात ए रसूल स के अलावा बहोत से क़ुरानी सूरतों  को अपने अशआर में ढाला है जो एक बहोत ही मुश्किल काम है .जनाब अज़ीज़ साहब बहोत सारे मजमुआ ए कलाम के खालिक है .आप के अदबी खिदमात को देखते हुए ये कहना गलत ना होगा के आप जदीद दौर के अल्लामा इक़बाल है.

इसी महीने की 6 तारिक़ को कर्नाटक उर्दू अकाडमी के जानिब से आपकी अदबी खिदमात को देखते हुए साल 2016 के अदबी खिदमात के लिए आपको अवार्ड से नवाज़ा गया है  .वैसे इस से पहले भी कई ऐसे ऐज़ाज़ात से आप को नवाज़ा जा चूका है. उम्मीद है  के बहोत जल्द आपको भारत के ऊँचे से ऊँचे ऐज़ाज़ात से भी नवाज़ा जाए .

 

 

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